corona worriors : कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डाॅक्टरों को भोजन तक नहीं मिल पा रहा
कोरोना से जंग लड़ रहे डाॅ. सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वारियर्स को जिला प्रशासन अभी तक सामान्य सुविधाएं नहीं उपलबध करा पाया है।
हल्द्वानी, जेएनएन : कोरोना से जंग लड़ रहे डाॅ. सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वारियर्स को जिला प्रशासन अभी तक सामान्य सुविधाएं नहीं उपलबध करा पाया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम खाने, कपड़े धाेने से लेकर चादर बदलने तक की व्यवस्था नहीं होने के कारण दिक्कतों से जूझ रही है। करीब एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर स्टाफ ने एक पत्र चिकित्सा अधीक्षक को भेजा है।
स्टाफ की ओर से भेजे गए पत्र में लिखा है कि कोरोना मरीजों का इलाज करने के चलते हमें पिछले एक सप्ताह से होटल में ठहराया गया है। यहां पर कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं। भोजन तक उपलब्ध नहीं है। चादर नहीं बदली जाती है। यहां तक अपने खाने के बर्तन भी खुद ही धोने पड़ते हैं। कपड़े धोने के लिए भी कोई नहीं है। हमें यहां पर काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। आखिर ऐसे संघर्ष करते हुए हम कैसे काम कर पाएंगे।
मेडिकल काॅलेज की मेस से जा रहा खाना
एसटीएच में काम कर रहे इन डाॅक्टरों के लिए मेडिकल कालेज के मेस से भेजा जा रहा है। रामपुर रोड के तीन होटल अधिग्रहित किए गए हैं, उनमें भोजन तक की व्यवस्था नहीं कराई जा सकी है। इससे पूरी व्यवस्था पर ही सवाल उठते हैं।
स्टाफ की ये है स्थिति
एसटीएच के आइसोलेशन में इस समय कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की संख्या 12 है। इनके इलाज के लिए सीनियर, जूनियर डाॅक्टरों समेत 40 का स्टाफ है, जो रामपुर रोड के तीन होटलों में रह रहा हैं। प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल काॅलेज, हल्द्वानी ने बताया कि कपड़े धोने समेत कुछ दिक्कतें थी, लेकिन इसका समाधान कर कर दिया गया है। भोजन की भी व्यवस्था कर दी गई है।
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